सौर मंडल में खोजा गया सबसे बड़ा पर्वत



 मंगल ग्रह पर ऑलंपस मोंस (Olympus Mons) नामक ज्वालामुखीय पर्वत की ऊंचाई आधार से शिखर तक 21.9 किलोमीटर है। यह पर्वत थारसिस बल्ज (Tharsis Bulge) नामक ज्वालामुखीय पठार का हिस्सा है जो कि मंगल के उत्तरी भूभाग से औसतन 6 किलोमीटर उंचा है। 

लेकिन सौरमंडल का सबसे बड़ा पर्वत किसी ग्रह पर नहीं है।

वेस्ता (Vesta) नामक ग्रहिका मंगल और ब्रहस्पति के बीच क्षुद्रग्रहों के समूह में सेरेस के बाद दूसरा सबसे बड़ा पिंड है। इस पर रीयासिल्विआ (Rheasilvia) नामक पर्वत आधार से शिखर तक लगभग 22 किलोमीटर ऊंचा है। लेकिन ऑलंपस मोंस के विपरीत रीयासिल्विआ अंतरिक्ष में हुई टक्कर से बनने वाला पर्वत है। यह वस्तुतः टक्कर में बनने वाले क्रेटर के बीच का हिस्सा है। यह वैसा ही है जैसे पानी में बूंद गिरने पर एक उछाल पैदा होता है। (इसे समझना थोड़ा कठिन है पर आपको कुछ-कुछ समझ में आ गया होगा)। वेस्ता का आकार मंगल से बहुत कम है फिर भी यह पिंड के आकार के अनुपात में पर्वत के आकार के आधार पर पहले नंबर पर आता है। इस क्रेटर के कारण ही हम वेस्ता को लघु ग्रह नहीं मानते क्योंकि इसका गुरुत्व इतना अधिक नहीं है कि यह इसे पूरा गोलाकार बना सके।

तीसने नंबर पर है शनि के चंद्रमा इयापेटस (Iapetus) के भूमध्य पर बना हुआ उठाव, जिसके कारण से यह चंद्रमा अखरोट की तरह दिखता है। इस उठाव की ऊंचाई लगभग 20 किलोमीटर है। इसमें पर्वत की तरह कोई चोटियां नहीं हैं इसलिए इसे एक तरह से पर्वत या पर्वतीय श्रंखला नहीं कहा जा सकता। यदि हम इसे छोड़ दें तो ब्रहस्पति के चंद्रमा इओ (Io) पर अगला सबसे बड़ा पर्वत है। इओ में हालांकि बहुत से ज्वालामुखी हैं लेकिन बूसॉल मोंतेस (Boösaule Montes) चट्टानी प्लेटों के एक-दूसरे को दबाने से बनी पर्वतीय श्रंखला है। पृथ्वी की पर्वतीय श्रंखलाएं इसी तरह बनी हैं। इसकी सर्वाधिक ऊंचाई 15 किलोमीटर है।

आधार से लेकर शिखर तक पृथ्वी का सबसे ऊंचा पर्वत मौना किआ और मौना लोआ (Mauna Kea and Mauna Loa) हैं जो हवाई के बड़े द्वीप में स्थित हैं। वे समुद्र की बहुत गहराई पर शुरु होते हैं इसलिए वे माउंट एवरेस्ट से भी विशाल हैं। माउंट एवरेस्ट पर्वत का आधार समुद्र तल से बहुत ऊपर है जबकि हवाई के पर्वतों का आधार समुद्र में 6 किलोमीटर गहराई पर है। इस प्रकार इन पर्वतों की वास्तविक ऊंचाई आधार से शिखर तक 10.2 किलोमीटर है।

शुक्र ग्रह का सबसे बड़ा पर्वत स्कादी मोंस ((Skadi Mons) आधार से शिखर तक 6.4 किलोमीटर ऊंचा है। हिमालय की तुलना में स्कादी मोंस पर्वत श्रंखला बहुत ऊंची है। इस प्रकार यह माउंट एवरेस्ट से भी अधिक ऊंची है।

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